आंटी को कोल्ड ड्रिंक पिलाकर खूब चोदा Aunty ke sath chudai

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम जुनैद है और में एक हॉस्पिटल में जॉब करता हूँ. हमारे परिवार में सब एक ही घर में रहते है, हमारा घर काफ़ी बड़ा है और सब लोग अलग-अलग फ्लोर में रहते है. ये बात 2 साल पहले की है जब मेरे अंकल की नई-नई शादी हुई थी और शादी वाले दिन में उनकी दुल्हन जो कि मेरी आंटी है, उसको देखकर मेरा दिल मचलने लगा था, उफ़फ्फ़ क्या बताऊँ दोस्तों क्या चीज़ है वो? गोरा रंग, छोटे-छोटे लेकिन टाईट बूब्स, बड़ी सी गांड, बहुत ही फिट फिगर है. मैंने उनको देखकर सोच लिया कि इसको किसी ना किसी तरह से चोदना है. अब हमारी फेमिली ने अंकल और आंटी को एक अलग फ्लोर दे दिया था.
आंटी मुझसे काफ़ी फ्रेंक थी, लेकिन में सेक्स की बात करने से डरता था, क्योंकि अगर उसने अंकल को बता दिया तो मेरी शामत आ जायेगी. खैर इसी तरह एक महिना गुज़र गया और में अपने दिमाग़ में आंटी को चोदने के प्लान बनाता रहा. Aunty ke sath chudai

फिर इंटरनेट पर स्टोरी पड़ने से मेरे दिमाग में एक आइडिया आया कि आंटी को किसी तरह बेहोश कर दिया जाए तो उनको आसानी से चोदा जा सकता है, लेकिन ऐसा करना मुश्किल था, क्योंकि हमारी जॉइंट फेमिली सिस्टम की वजह से ये आइडिया काम नहीं कर सकता था, ऐसा सिर्फ़ उसी सूरत में हो सकता था जब घर में और कोई ना हो और सिर्फ़ में और आंटी हो. जैसा कि मैंने आपको बताया है कि में एक हॉस्पिटल में जॉब करता हूँ तो मेरे लिए बेहोशी की गोली लाना कोई प्रोब्लम नहीं थी. मैंने गोली अपने पास ही रखी हुई थी और अब में मौका मिलने का इंतज़ार करने लगा था.

आख़िरकार एक दिन वो मौका मुझे मिल ही गया. हुआ कुछ यूँ कि अंकल को किसी काम से दूसरी सिटी में 3 दिन के लिए जाना पड़ गया. फिर रात के टाईम आंटी मेरी माँ के पास आई और बोली कि मुझे रूम में अकेले सोने से डर लगता है, इसलिए जुनैद या इबरर (मेरा छोटा भाई) को बोलो कि मेरे रूम में सो जाए. में उस वक़्त माँ के पास ही बैठा था तो मैंने एकदम से कहा कि ठीक है आंटी में आपके रूम में सो जाऊंगा. Aunty ke sath chudai

फिर आंटी ने मुझे थैंक्स बोला और अब मेरे दिल में तो लड्डू फूट रहे थे कि आज आंटी की जवानी को चखने का मौका मिल रहा है. फिर में मार्केट गया और 2 कोल्ड ड्रिंक्स की बोतल ले आया और उनको अपने रूम में रख दी. फिर जब रात को सोने का टाईम हुआ तो में आंटी के रूम में चला गया, वहाँ 2 बेड है. अब आंटी एक बेड पर लेटी हुई थी और मुझे दूसरे बेड पर सोना था. अब में दूसरे बेड पर लेट गया और उनसे गपशप करने लगा. फिर कुछ देर के बाद मैंने आंटी से कहा कि में कुछ देर पहले 2 कोल्ड ड्रिंक्स लाया था तो में वो अपने रूम से लेकर आता हूँ.

फिर आंटी ने कहा कि ठीक है ले आओ, लेकिन जल्दी आना मुझे डर लगता है. फिर में अपने रूम में गया और एक कोल्ड ड्रिंक की बोतल का ढक्कन खोलकर उसमें बेहोश करने वाली गोली डाल दी और बोतल को ठीक तरह से हिलाया ताकि वो गोली कोल्डड्रिंक में मिक्स हो जाए. फिर में वो ड्रिंक्स लेकर आंटी के रूम में गया और गोली वाली ड्रिंक उनको दे दी और दूसरी ड्रिंक खोलकर में अपने बेड पर बैठकर पीने लगा. अब आंटी भी पीने लगी थी.

फिर जब हम दोनों ने ड्रिंक पी ली तो आंटी ने बोला कि मुझे नींद आ रही है और तुम भी डोर लॉक करके सो जाओ. फिर में जल्दी से उठा और रूम लॉक कर दिया और अपने बेड पर आकर लेट गया. अब आंटी सो चुकी थी, लेकिन में थोडा और इंतजार करना चाहता था ताकि कोई रिस्क नहीं लेना पड़े. फिर 5 मिनट के बाद में अपने बेड से उठा और आंटी के बेड के पास चला गया. फिर मैंने उनको आवाज़ दी, लेकिन उन्होंने कोई रेस्पॉन्स नहीं दिया. फिर मैंने उनको हिलाया, लेकिन फिर भी उन्होंने कोई हरकत नहीं की, अब पक्का हो गया था कि वो बेहोश हो गई है.

फिर में उनके साथ साईड में लेट गया और अब मेरा लंड एकदम टाईट हो गया था. फिर मैंने आंटी को अपनी बाहों में ले लिया और पागलों की तरह उनके चेहरे पर किस करने लगा और उनके गुलाबी होंठो को चूसने लगा. फिर में उनकी गर्दन पर किस करने लगा. अब मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे में जन्नत में हूँ. फिर में उनके होंठो को चूसते-चूसते उनके टाईट बूब्स पर अपने हाथ फैरने लगा. क्या बताऊँ दोस्तों क्या फिलिंग थी वो? Aunty ke sath chudai

फिर मैंने उनकी कमीज़ को ऊपर किया और उनकी ब्रा को भी ऊपर कर दिया. अब उनके छोटे-छोटे, गोल-गोल और टाईट बूब्स मेरी आँखों के सामने थे. फिर मैंने उनके एक बूब्स को अपने मुँह में लिया और पागलों की तरह चूसने लगा और दूसरे बूब्स को अपने हाथ में लेकर दबाने लगा. अब आंटी बेख़बर होकर सो रही थी और फिर 10 मिनट तक बूब्स चूसने के बाद मैंने अपने कपड़े उतार दिए और आंटी की सलवार भी उतार दी.

फिर में उनकी टांगो को फैलाकर उनकी चूत को देखने लगा, उफफफफफ्फ़ क्या चूत थी दोस्तों, पिंक कलर की? अब में उनकी चूत को चाटने लगा तो उनकी चूत से बहुत ही भीनी-भीनी खुशबू आ रही थी. अब में तो मदहोश हुआ जा रहा था. फिर मैंने उनकी चूत को चूस-चूसकर और चाट-चाटकर गीला कर दिया. अब तो उनकी चूत और भी लाल हो गई थी, अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था.

फिर मैंने अपने लंड पर ढेर सारा थूक लगाया जो कि अब लोहे की तरह सख़्त हो गया था. फिर में अपना लंड उनकी चूत के ऊपर रखकर अंदर डालने लगा. दोस्तों उनकी बहुत ही टाईट चूत थी. खैर कुछ कोशिश करने के बाद में अपना पूरा लंड अंदर डालने में कामयाब हो गया, उफफफफफफफफफफ्फ़ क्या फिलिंग थी वो यार? अब आंटी की गर्म-गर्म चूत में मेरा लंड अंदर बाहर होने लगा था. अब में साथ-साथ उनके बूब्स को भी चूस रहा था. अब मैंने अपनी स्पीड तेज़ कर दी और ठीक 10 मिनट के बाद मैंने अपना सारा पानी आंटी की चूत में ही छोड़ दिया.

फिर में उनके जिस्म के ऊपर ही लेट गया और उनके जिस्म पर किस करने लगा. फिर में उठा और आंटी की चूत को बाहर से साफ किया और उनको सलवार पहनाई और उनका ड्रेस वगेरा ठीक करके मैंने अपने कपड़े भी पहन लिए और आंटी के होंठो पर एक किस करके अपने बेड पर आकर सो गया. फिर अगले दिन आंटी और में लेट ही उठे. अब में सुबह डर भी रहा था, लेकिन आंटी का व्यवहार मेरे साथ नॉर्मल ही रहा. उसके बाद अगले 2 दिन भी में उनके रूम में ही सोया और उनको कोल्ड ड्रिंक पिलाकर खूब चोदा. Aunty ke sath chudai

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *